निबंध: भ्रष्टाचार पर लेख – Esaay on Corruption | Bhrashtachar par Nibandh

निबंध: भ्रष्टाचार पर लेख – Esaay on Corruption | Bhrashtachar par Nibandh

Bhrashtachar par Nibandh: भ्रष्टाचार का सरल अर्थ है भ्रष्ट आचार , भष्ट व्यवहार , दु : खद व्यवहार । आज विकसित और विकासशील – पूरी दुनिया इस बीमारी से ग्रस्त है । केंद्र और राज्य सरकारें इस बीमारी से ग्रस्त हैं । हर आदमी इस बीमारी से ग्रस्त है । । अभी – अभी अन्ना हजारे ने केंद्र सरकार की नींद उड़ा दी थी । योग गुरु बाबा रामदेव ने विदेशों से काला धन लाने के लिए अनशन किया था । रविवार को भीड़ जुटने की दृष्टि से केंद्र ने लाठी चार्ज करवा कर उन्हें भगा दिया । काँग्रेस की केंद्र सरकार आकंठ भ्रष्टाचार में डुबी हुई है । एक राजा का 2G घोटाला हजारों हजार करोड़ का घोटाला है । आदर्श कॉलोनी घोटाला भी एक बड़ा घोटाला है । चारा घोटाला के पैसे वापस नहीं लौटे ।

मूल अपराधी सड़कों पर टहल रहे हैं । अब भारतीयों के सामने इस बीमारी से मुक्ति पाने की । समस्या है । महर्षि अरविन्द ने बहुत पहले ही कह दिया था कि लोग आजादी के बाद नैतिकता की दृष्टि से गिर जाएँगे देश आजाद जरूर हुआ लेकिन इससे लोगों का नैतिक पतन हो गया । । हमें दूसरा अरविन्द पैदा करना होगा । योग सिखला कर मन शुद्धि और शरीर शुद्धि करना होगा । बाबा रामदेव यही कर रहे थे । लेकिन उन्हें मंच से वहाँ के प्रशासन ने शांतिभंग होने के नाम पर भगा दिया । जो भी सुधारने चलेगा उसे ही लाठियाँ खानी होंगी । जे० डे० पत्रकार ने चंदन की लकडी की तस्करी के एक बड़े व्यापारी को प्रकाश में लाना चाहा था । लेकिन पत्रकार को ही तस्करों ने उड़ा दिया । अब पत्रकार पत्रकारिता कैसे करेगा ? है कोई जवाब केंद्र सरकार के पास ।

भ्रष्टाचार पर लेख – Esaay on Corruption | Bhrashtachar par Nibandh

पहले बेईमान नेताओं से शासन को मुक्त करना होगा । ऐसा लोकपाल । विधेयक लाना होगा जो प्रधानमंत्री एवं न्यायधीशों को भी भ्रष्टचार में लिप्त होने पर जेल की हवा खिला सके । कोई बेईमान प्रधानमंत्री और जज बनना ही नहीं । चाहेगा । मंत्री पद सेवक का पद है । मंत्री पद मालिक का पद नहीं है । गाँधी जी ने देश की सेवा की थी । परंतु कुछ लोगों ने अपने फायदे के लिए देश के दो टुकड़े करवा दिये । अंग्रेजों ने देश के दो टुकड़े कर दिए । यहीं से इंडिया फँस गया ।

भ्रष्टाचार से कमाया धन जब तक पाप नहीं माना जाएगा और पापियों को फासी या आजीवन कारागार की सजा नहीं दी जाएगी तब तक भ्रष्टाचार बढ़ता ही रहेगा । विकसित राष्ट्रों में भ्रष्टाचार खूब पनपता है । विकाशील राष्ट्रों में भी भ्रष्टाचार खूब पौनता है । व्यवस्था कड़ी नहीं होगी तो भ्रष्टाचार दूर करना एक सपना ही होगा सच है – ‘ सपने किसी के होते न पूरे , रोज बनाए फिर भी अधूरे ।

भ्रष्टाचार यदि दूर नहीं हुआ तो भ्रष्टाचारी देश को बेचकर इंग्लैंड, अमेरिका, दुबई कहीं को भाग जाएंगे। भ्रष्टाचार के इस मामले में सारे देश वाशियों को सारे गीले शिकवे भूलकर एक जुट होना होगा और अपने देश से सारे भ्रष्टाचारियों को दूर भगाना होगा।

Last Words:

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